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नैन्सी पेलोसी का ताइवान दौरा हुआ पूरा, सेमीकंडक्टर चेयरपर्सन मार्क लिउ दी ये बड़ी चेतावनी

by Manika
नैन्सी पेलोसी का ताइवान दौरा हुआ पूरा, सेमीकंडक्टर चेयरपर्सन मार्क लिउ दी ये बड़ी चेतावनी

चीन की तमाम धमकियों के बाद ही अमेरिकी सांसद की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ताइवान की यात्रा को पूरा करके वापस बुधवार को वापस लौट आई है। आपको बता दें कि नैन्सी पेलोसी के ताइवान दौरे ने वैश्विक राजनीति में अलग ही भूचाल मचा कर रख दिया है। एक तरफ जहां चीन ने गुरुवार को ताइवान की सीमाओं को घेरकर युद्धाभ्यास करने का ऐलान किया तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका भी पीछे नहीं हटा ।

अमेरिका ने इस पर बयान देते हुए कहा है कि हम हर हालात में उसके साथ हैं अमेरिका और चीन के बीच बढ़े तनाव से कई तरह की आशंकाएं पैदा हो गई हैं। माना तो यह भी जा रहा है कि क्या सच में ताइवान अगला यूक्रेन बन सकता है। यदि अगर ऐसा होता है तो सिर्फ ताइवान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए यह काफी बड़ी चिंता की बात होगी। क्योंकि इसकी सबसे बड़ी वजह की इकॉनमी और उसका मैन्युफैक्चरिंग हब माना जा रहा हैं।

दुनिया की अर्थव्यवस्था में रखता है सबसे बड़ा योगदान

Mark Liu


बात अगर सिर्फ क्षेत्रफल की करें तो आपको बता दें कि क्षेत्रफल के मामले में भले ही छोटा हो। लेकिन 600 अरब डॉलर की जीडीपी के साथ वह दुनिया की अर्थव्यवस्था में अपना एक बड़ा योगदान देता है। इतना ही नहीं दुनिया भर में बिक रहे स्मार्टफोन कार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान के लिए भी यह काफी ज्यादा अहम माना जाता है।

क्योंकि यहीं पर सैन्यकमांडर की मैन्युफैक्चरिंग होती है। पिछले दिनों ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन के चेयरमैन मार्क लिउ ने इस बात का जिक्र किया था। उन्होंने जिक्र करते हुए बयान दिया था कि यदि चीन ताइवान पड़ता है तो दुनिया से काम नहीं कर पाए इतना ही नहीं उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए था। क्योंकि हम लोग सप्लाई चैन पर निर्भर करते हैं। इसीलिए अटैक की स्थिति में हमारे लिए काम करना मुश्किल होगा।

ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन बन चुका है ताइवान

Mark Liu


दरअसल मार्क लिउ के इस बयान में उनकी कंपनी के लिए ना सिर्फ चिंता है। बल्कि पूरी दुनिया की एक बड़ी चेतावनी भी है। ताइवान ने बीते दो दशकों में काफी तेजी से अपना विकास किया है और वह सेमीकंडक्टर चिप इलेक्ट्रॉनिक आइटम और डिफेंस आइटम के उत्पादन में अग्रणी देश बन चुका है।

खासतौर पर मोबाइल का टीवी समेत तमाम तरह के इलेक्ट्रोनिक्स उत्पादकों में इनकी काफी जरूरत होती है। और दुनिया भर में सेमीकंडक्टर्स के उत्पादन में उसकी 50 फ़ीसदी हिस्सेदारी भी है। हालांकि आप इस बात से बहुत आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि ताइवान पर यदि अटैक होता है तो यह पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर विषय है।

कोई नहीं होगा विनर

Mark Liu


दरअसल आपको बता दें कि मार्क लिउ ने बात ही को दोबारा है। उन्होंने कहा है कि “यदि ताइवान पर अटैक किया जाता है तो कोई भी नहीं जीतेगा बल्कि पूरी दुनिया लूजर साबित होगी उन्होंने अपने बयान में कहा है कि ताइवान पर हमले से चीन अमेरिका और पश्चिमी देशों की कमी को एक बड़ा झटका लग सकता है।

आपको बता दें कि एप्पल माइक्रोसॉफ्ट जैसी नामी गिरामी कंपनियां ताइवान पर सेमीकंडक्टर के लिए पूरी तरह से निर्भर है। कोरोना काल में चीन से सेमीकंडक्टर की सप्लाई बाधित हुई थी। ताइवान ने मोर्चा संभालते हुए पूरी दुनिया में इसकी आपूर्ति की थी। इस बात से यह तो साफ है कि यूक्रेन पर अटैक के बाद गेहूं जैसी चीजों के लिए तरसने वाली दुनिया तकनीकी संकट का भी सामना कर सकती है।

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